The Unexpected gains Diaries



वासुकीमुखी नागिनी मंत्र : नागिनी को सिद्ध करने की और प्रसन्न...

सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे।

साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। 

धर्म ज्ञाननवरात्रि स्पेशलछठ पूजा विशेषमुहूर्त एवं तिथिपितृपक्षमहाकुंभश्रावण विशेष

कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !

मन्त्र ज्यो शत्रु भयो। डाकिनी वायो, जानु वायो।

पतने पानी करे। गुआ करे। याने करे। सुते करे।

जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।

साधना के लिए एक निश्चित समय और स्थान का पालन करें।

हिंदू धर्म के पहले दुनिया में ना तो कोई धर्म था ना ही कोई मजहब था

उत्तरपथ में आप बठी, हाथ सिद्ध वाचा ऋद्धि-सिद्धि । धनधान्य देहि-देहि कुरु-कुरु स्वाहा ।।

उदाहरणार्थ यदि आपके मन में एक साथ एक हजार विचार चल रहे हैं तो उन सभी को समाप्त करके मात्र एक विचार को ही स्थापित करना ही मंत्र का लक्ष्य होता है। यह लक्ष्य प्राप्त करने के बाद आपका दिमाग एक आयामी और सही दिशा में गति करने वाला होगा।

तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के click here तौर पर हिंदू धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म ही है और इसीलिए इस दुनिया में जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के द्वारा ही हुई है.

साधना के समय एकांत में रहें और अन्य गतिविधियों से बचें।

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